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आँखों में सादगी, शब्दों में सच्चाई होती है। 

कुछ लोग जाने क्यों दिल को छू लेते हैं। 


कामनी गुप्ता***

जम्मू!

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Hindi Poetry

             ढेरों ख्वाहिशें लेकर चले थे जो कभी;               ज़िन्दगी बढ़ती और ख्वाहिशें घटती गई।                                कामनी गुप्ता***                                           जम्मू!

गुफ्तगू

  ख्बाबों में उनसे यूँ ही गुफ्तगू होती रही रातभर।   सितारों की महफ़िल में जुगनू खोजती रहीं रातभर।  कामनी गुप्ता*** जम्मू!